🤗|सुबह |

सुबह ने आते आते वकत् लिया,
रात की पोषाक पेहने,
वैसे तो हर रोज आती थी,
पर आज सुबह से पेहली बार,
रात में मुलाकात हुई.
Medhavi
July 4'17

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