💌हवा का रुख है बदला
हवा का रुख है बदला , या जुड़ गई दो तकदीरें , कहने को गुज़रा एक लम्हा , पर बन गई यादें यह तसवीरें .... आईना है साफ़ पर, नज़र धुंधलाई सी है , सवाल हा आज पर , कल की फ़िक्र छाई सी है .. फिर आँखों में न खो जाएँ , मोहब्बत की लगाम को थामो , यूँ हम बहक न जाएँ , फिर न ऐसे मुस्कुराओ , तकदीरें बदलने के शौक रखने वाले का , ऐतबार करना चाहे दिल अब उपरवाले का Medhavi, 11-01-13