🤗|तुम्हे याद करेंगे, याद करेंगे तुम्हे.|
यूँ ही देर सवेर, सताएगा ख़याल तेरा,
खिड़की पे मेरी, ओस लिखेगी नाम तेरा.
मैं निकलूंगी घर से, तेरे साए के साथ,
जो ना जुदा हो सकेगा, तेरे जाने के बाद.
समंदर की लहरें, छुएँगी मुझे,
दिल मगर बंजर ही रहेगा,
रंगों की बरखा, छाएँगी मुझपे,
फीका सा मगर हर मौसम रहेगा.
दिल क दायरों से निकल,
तेरी यादों को जलाने निकलूंगी मैं,
फिर सारी दुनिया से छुप कर,
उन्हे गले लगा कर रो-उंगी मैं.
याद करेंगे तुम्हे, अगर भुला पाएँगे कभी,
फरियाद करेंगे तुम्हारी, जब जब दुआ माँगेंगे कभी.
समेट कर खुद को, तुझे खत लिखेंगे,
सुबह उठ फिर, हिम्मत जुटाएँगे,
फिर एक माचिस से, जला डालेंगे लफ्ज़ खुद के,
मिटा देंगे ख़याल हम खुद के.
फिर भी तुम आओगे, ख्वाबों में हर रात,
फिर भी तुम आओगे, थामोगे मेरा हाथ.
तुम्हे याद करेंगे, याद करेंगे तुम्हे.
खिड़की पे मेरी, ओस लिखेगी नाम तेरा.
मैं निकलूंगी घर से, तेरे साए के साथ,
जो ना जुदा हो सकेगा, तेरे जाने के बाद.
समंदर की लहरें, छुएँगी मुझे,
दिल मगर बंजर ही रहेगा,
रंगों की बरखा, छाएँगी मुझपे,
फीका सा मगर हर मौसम रहेगा.
दिल क दायरों से निकल,
तेरी यादों को जलाने निकलूंगी मैं,
फिर सारी दुनिया से छुप कर,
उन्हे गले लगा कर रो-उंगी मैं.
याद करेंगे तुम्हे, अगर भुला पाएँगे कभी,
फरियाद करेंगे तुम्हारी, जब जब दुआ माँगेंगे कभी.
समेट कर खुद को, तुझे खत लिखेंगे,
सुबह उठ फिर, हिम्मत जुटाएँगे,
फिर एक माचिस से, जला डालेंगे लफ्ज़ खुद के,
मिटा देंगे ख़याल हम खुद के.
फिर भी तुम आओगे, ख्वाबों में हर रात,
फिर भी तुम आओगे, थामोगे मेरा हाथ.
तुम्हे याद करेंगे, याद करेंगे तुम्हे.
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