🤗|इस अफ़साने को नाम ना दो|
इस अफ़साने को नाम ना दो,
खूबसूरत है खूबसूरत रहने दो,
ना दो कोई रुतबा, कोई पहचान इसको,
मोहब्बत सा लगे, तो मोहब्बत लगने दो.
खुशी अगर दे, तो बस महसूस होने दो,
दर्द दे अगर, तो अश्क़ बहने दो,
लिखने दो तक़दीर खुदा को, एक नज़्म बनने दो.
ज़रिया ना ढूँधो मुलाक़ात का,
करने दो साज़िशें इन हवाओं को,
बहने दो शिकारा इस जज़्बात का,
फिर घुलने दो खुद में फ़िज़ाओं को.
चाँद को बिखेरने दो चाँदनी दिल के आँगन में,
आँखें बाँध करके खोने दो इस चाँदान में,
बाहों में क़ैद कर लो एक हसीन सा लम्हा,
फिर महसूस करो हर रात उस एहसास को.
नाम ना दो, पहचान ना दो,
बेनाम रहने दो इस काफिले को,
गुज़रने दो फिर यह रात,
उस एक रात के आगाज़ में,
बिखरने दो खुद को,
फिर इस मदहोश एहसास में.
खूबसूरत है खूबसूरत रहने दो,
ना दो कोई रुतबा, कोई पहचान इसको,
मोहब्बत सा लगे, तो मोहब्बत लगने दो.
खुशी अगर दे, तो बस महसूस होने दो,
दर्द दे अगर, तो अश्क़ बहने दो,
लिखने दो तक़दीर खुदा को, एक नज़्म बनने दो.
ज़रिया ना ढूँधो मुलाक़ात का,
करने दो साज़िशें इन हवाओं को,
बहने दो शिकारा इस जज़्बात का,
फिर घुलने दो खुद में फ़िज़ाओं को.
चाँद को बिखेरने दो चाँदनी दिल के आँगन में,
आँखें बाँध करके खोने दो इस चाँदान में,
बाहों में क़ैद कर लो एक हसीन सा लम्हा,
फिर महसूस करो हर रात उस एहसास को.
नाम ना दो, पहचान ना दो,
बेनाम रहने दो इस काफिले को,
गुज़रने दो फिर यह रात,
उस एक रात के आगाज़ में,
बिखरने दो खुद को,
फिर इस मदहोश एहसास में.
Medhavi
06.02.15
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