🚩INTEZAAR

इन खाली रातों में अक्सर ,
गूँज उठते हैं अधूरे ख्वाब वही ,
जिनकी शुरुवात तुमसे थी ,
और अंत का अब तक मुझे इंतेजार हैं .

मेधावी
20/08/18

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