🤗|चलो फिर अजनबी हो जायें|
चलो अजनबी बन जायें हम दोनो,
फिर से पहली मुलाकात हो,
फिर सवालों से भरे हों नैना,
फिर शुरू वो फ़िज़ूल की बात हो.
फिर तुम पूछो नाम मेरा,
फिर मेरी निगाहें झुक जायें,
फिर चलें हम होकर बेख़बर,
और ये राहें रुख़ मोड़ के रुक जायें.
राहते तू मुझे दे अपनी मौजूदगी से,
अदायें मैं दूं अपनी बेरूख़ी से,
सदायें तू दे मुझे अपनी धड़कनो से,
वफ़ा-ए मैं दूं अपनी सरहदों से.
फिर अजनबी रिश्ते का नाम हो,
फिर मुस्कुरा कर हम बदनाम हों,
फिर देखें मूड क बार बार,
फिर आईने से हो जाए प्यार.
अजनबी हो जायें हम जानते हुए एक दूसरे को,
फिर दिल जीतें हम चाहते हुए एक दूसरे को,
फिर अंधेरोन से लॉ नयी जलायें,
चलो फिर अजनबी हो जायें.
फिर से पहली मुलाकात हो,
फिर सवालों से भरे हों नैना,
फिर शुरू वो फ़िज़ूल की बात हो.
फिर तुम पूछो नाम मेरा,
फिर मेरी निगाहें झुक जायें,
फिर चलें हम होकर बेख़बर,
और ये राहें रुख़ मोड़ के रुक जायें.
राहते तू मुझे दे अपनी मौजूदगी से,
अदायें मैं दूं अपनी बेरूख़ी से,
सदायें तू दे मुझे अपनी धड़कनो से,
वफ़ा-ए मैं दूं अपनी सरहदों से.
फिर अजनबी रिश्ते का नाम हो,
फिर मुस्कुरा कर हम बदनाम हों,
फिर देखें मूड क बार बार,
फिर आईने से हो जाए प्यार.
अजनबी हो जायें हम जानते हुए एक दूसरे को,
फिर दिल जीतें हम चाहते हुए एक दूसरे को,
फिर अंधेरोन से लॉ नयी जलायें,
चलो फिर अजनबी हो जायें.
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