🤗|शर्तें क्यूँ रखीं मोहब्बत पे|

शर्तें क्यूँ रखीं मोहब्बत पे,
क्यूँ जज़्बातों को आज़ादी नहीं दी,
दिल टूटने के दर्र में जीते रहे,
और जब हमसफ़र मिला,
तो उसकी कद्र नहीं की.

Medhavi
16.04.17

Comments

Popular posts from this blog

Para Love through you...*

P Uljhan...*

💚Agar tumne...