🤗|Sher|
|🤗कुछ ज़र्रों में बिखरा सा,
एक तिनके का ख्वाब था,
जहाँ किनारे की तलाश थी,
वहीं छुपा सा सैलाब था,
कुछ लम्हों की जूसतजू,
कुछ क़िस्सों में दफ़्न थी,
उनकी कैसे करते आरज़ू,
उनका ख्वाब भी ख्वाब था.|
♥️|उन्हे पाना चाहे ज़माना,
और उन्हे तमन्ना है हमारी,
ज़िंदगी में हासिल अब हर मुकाम है.|
♥️|साँस कतरा कटरा टूट रही है,
उन्हे देखने को पलख पलख बेचैन है,
जुदाई का उनपर लगा इल्ज़ाम है,
मैं गुज़ारिश क्या करूँ मेरे रब से,
तुझे मेरी ही दुनिया में करके शामिल,
उसने मेरा दामन उजालों से भर दिया.|
♥️|ना जाने कितनी दफ़ा,
एक ही ख्वाब हम ने देखा है,
फिर अजनबी हो कर,
तुमसे मिलेंगे तो क्या होगा.|
एक ही ख्वाब हम ने देखा है,
फिर अजनबी हो कर,
तुमसे मिलेंगे तो क्या होगा.|
♥️|ज़िंदगी के जिस दौर में,
तुम हम को पीछे छोड़ गये,
उस मोड़ पर आज भी,
बीते क़िस्सों की गूँज बाकी है.|
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